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Jharkhand Chief Minister के रूप में चंपई सोरेन ने इस्तीफा दिया, हेमंत सोरेन की वापसी के लिए रास्ता साफ किया

Jharkhand Chief Minister : झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे हेमंत सोरेन की वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह घटनाक्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर हुआ, जिसने सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को नया नेता चुना। इस लेख में, हम इस घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि यह झारखंड की राजनीति पर कैसे प्रभाव डालेगा।

Jharkhand Chief Minister हेमंत सोरेन की वापसी का निर्णय

Jharkhand Chief Minister हेमंत सोरेन को 3 जुलाई को भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (INDIA) के दलों के विधायी नेता के रूप में चुना गया। इसके बाद, उन्होंने राज्यपाल से मिलकर राज्य में सरकार बनाने का दावा किया। यह हेमंत सोरेन की झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में वापसी होगी।

चंपई सोरेन का इस्तीफा

चंपई सोरेन ने अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मीडिया को बताया, “हमारे गठबंधन ने हेमंत बाबू (हेमंत सोरेन) को नेता चुनने का फैसला किया। मैंने अपनी इच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।” चंपई सोरेन ने राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंपा और इसके तुरंत बाद हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा किया।

हेमंत सोरेन की वापसी की तिथि

Jharkhand Chief Minister हेमंत सोरेन 4 जुलाई को राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। यह फैसला झारखंड के सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की एक लंबी बैठक में लिया गया, जिसमें नेतृत्व में बदलाव और हेमंत सोरेन को फिर से मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति जताई गई।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी और जमानत

31 जनवरी को, हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि, 28 जून को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

चंपई सोरेन की नई भूमिका

हालांकि चंपई सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है, उन्हें राज्य में INDIA ब्लॉक समन्वय समिति के अध्यक्ष या JMM के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

गठबंधन की स्थिति

81 सदस्यीय झारखंड राज्य विधानसभा में, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के बाद JMM-नेतृत्व वाले INDIA ब्लॉक की संख्या 47 से घटकर 45 हो गई है (JMM-27, कांग्रेस-17 और RJD-1)। राज्य विधानसभा में भाजपा की संख्या 24 है क्योंकि इसके दो विधायक धुल्लू महतो और मनीष जायसवाल पार्टी सांसद के रूप में चुने गए हैं।

हेमंत सोरेन की राजनीतिक यात्रा

हेमंत सोरेन की राजनीतिक यात्रा में यह तीसरी बार होगा जब वे झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वे जुलाई 2013 और दिसंबर 2019 में भी मुख्यमंत्री रहे थे।

चंपई सोरेन की नाराजगी

हालांकि चंपई सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इस कदम से वे “नाराज” माने जा रहे हैं। बाद में, उन्होंने इस बात से इनकार किया और कहा कि उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

भाजपा का आरोप

भाजपा ने JMM पर वंशवादी राजनीति का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता विनय सिंह ने कहा, “यह स्पष्ट है कि एक वंशज हमेशा वंशज रहता है। चंपई सोरेन को सत्ता का अस्थायी हस्तांतरण एक लोकतांत्रिक दिखने वाला छलावा था। हालांकि, वे (शिबू सोरेन का परिवार) कभी भी सत्ता को परिवार से बाहर नहीं जाने देंगे।”

राजनीतिक विश्लेषण

Jharkhand Chief Minister झारखंड की राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। हेमंत सोरेन की वापसी से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और उनके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत होगी। हालांकि, भाजपा के आरोपों और विपक्ष के विरोध को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Jharkhand Chief Minister के रूप में चंपई सोरेन ने इस्तीफा दिया, हेमंत सोरेन की वापसी के लिए रास्ता साफ किया
Jharkhand Chief Minister

निष्कर्ष

Jharkhand Chief Minister हेमंत सोरेन की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी ने झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। चंपई सोरेन के इस्तीफे और हेमंत सोरेन की वापसी से JMM की स्थिति मजबूत होगी, लेकिन भाजपा के आरोप और विपक्ष के विरोध को ध्यान में रखते हुए, आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में कई और परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

इस घटनाक्रम ने साबित किया है कि झारखंड की राजनीति में वंशवादी राजनीति का आरोप अब भी प्रासंगिक है, लेकिन हेमंत सोरेन की वापसी से गठबंधन की स्थिति मजबूत होने की संभावना है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति किस दिशा में जाती है और हेमंत सोरेन की नेतृत्व क्षमता कैसे साबित होती है।

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