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Captain Anshuman Singh’s widow Smriti Singh Receives Kirti Chakra : कैप्टन अंशुमान सिंह की विधवा स्मृति सिंह को कीर्ति चक्र देते हूए भारत के राष्ट्रपति – who Is Anshuman Singh

कैप्टन अंशुमान सिंह की विधवा स्मृति सिंह को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया – Captain Anshuman Singh’s widow Smriti Singh Receives Kirti Chakra

कैप्टन अंशुमान सिंह की विधवा, स्मृति सिंह, को देश के दूसरे सर्वोच्च शौर्य पुरस्कार, कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। कैप्टन अंशुमान सिंह ने अपनी वीरता और साहस का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

यह सम्मान उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर देश के कई उच्च पदस्थ अधिकारी और रक्षा कर्मी उपस्थित थे। स्मृति सिंह ने इस सम्मान को गर्व और सम्मान के साथ स्वीकार किया, जो उनके पति की वीरता और देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।

कैप्टन अंशुमान सिंह ने अपने सैन्य करियर में अनेक महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया और हर बार अपने अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया। उनकी विधवा स्मृति सिंह ने कहा कि वह अपने पति के बलिदान पर गर्व महसूस करती हैं और इस सम्मान ने उनकी वीरता को एक नई पहचान दी है।

कीर्ति चक्र का यह सम्मान न केवल कैप्टन अंशुमान सिंह की वीरता को मान्यता देता है, बल्कि यह सभी वीर जवानों के साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

What Happend with Captain Anshuman Singh?

कैप्टन अंशुमान सिंह के साथ क्या हुआ

कैप्टन अंशुमान सिंह का जीवन देशभक्ति और वीरता का प्रतीक था, लेकिन उनका जीवन एक दुखद अंत को प्राप्त हुआ। अपनी सेवा के दौरान, कैप्टन अंशुमान सिंह ने कई महत्वपूर्ण और खतरनाक अभियानों में हिस्सा लिया।

अपने अंतिम मिशन में, उन्होंने अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया और अपने साथी सैनिकों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

इस मिशन में, दुश्मन की ताकतों के खिलाफ लड़ते हुए, कैप्टन अंशुमान सिंह ने अपने नेतृत्व और रणनीतिक कौशल का अद्वितीय प्रदर्शन किया।

उन्होंने अपनी टीम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना अग्रिम पंक्ति में मोर्चा संभाला। उनकी इस वीरता ने दुश्मन को परास्त कर दिया, लेकिन इस संघर्ष में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए।

कैप्टन अंशुमान सिंह के इस सर्वोच्च बलिदान ने न केवल उनकी बहादुरी को प्रमाणित किया, बल्कि उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा को भी और बढ़ा दिया।

उनकी शहादत ने देशवासियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी और उनके परिवार को गर्व और सम्मान का अनुभव कराया। उनकी पत्नी, स्मृति सिंह, को उनके इस वीरता के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, जो उनके बलिदान की मान्यता और देश के प्रति उनके अद्वितीय योगदान का प्रतीक है।

कैप्टन अंशुमान सिंह का बलिदान उन सभी के लिए प्रेरणा है जो देश की सेवा में जुटे हैं, और उनका नाम भारतीय सेना के इतिहास में हमेशा के लिए अंकित रहेगा।

Captain Anshuman Singh Army Joining Date : carrier -Captain Anshuman Singh’s widow Smriti Singh Receives Kirti Chakra

Captain Anshuman Singh's widow Smriti Singh Receives Kirti Chakra
Image credit – Moneycontrol [ dailysama4 ]

कैप्टन अंशुमान सिंह की सेना में शामिल होने की तारीख

कैप्टन अंशुमान सिंह ने भारतीय सेना में 15 जनवरी 2010 को शामिल होकर अपने सैन्य करियर की शुरुआत की।

इस दिन ने उनके जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया, जहां उन्होंने देश सेवा और वीरता की राह पर कदम रखा।

भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, उन्होंने सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं और अपने साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उनकी यह यात्रा देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बनी, जो उनकी शहादत के साथ अपने चरम पर पहुँची।

Captain Anshuman Singh Family ?

कैप्टन अंशुमान सिंह का परिवार

कैप्टन अंशुमान सिंह का परिवार देशभक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उनके परिवार में उनकी पत्नी, स्मृति सिंह, और एक बेटा शामिल हैं। स्मृति सिंह अपने पति की शहादत के बाद भी अपने परिवार को सशक्त और प्रेरित करती रही हैं।

कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता ने अपने बेटे को बचपन से ही देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों के साथ बड़ा किया। उनके पिता, एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, और उनकी माता, एक गृहिणी, ने हमेशा अंशुमान को देश सेवा के लिए प्रेरित किया।

अंशुमान सिंह के भाई-बहन भी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं, लेकिन उनमें भी देश सेवा की भावना कूट-कूट कर भरी है। इस परिवार ने अपने बेटे के बलिदान को गर्व और सम्मान के साथ स्वीकार किया है और वे हमेशा अंशुमान सिंह की वीरता और शहादत को याद करते रहेंगे।

कैप्टन अंशुमान सिंह का परिवार उनके बलिदान के बाद भी देश की सेवा और सम्मान की भावना को जीवित रखे हुए है, और वे सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

Captain Anshuman Singh : देश के जवान को श्रद्धांजलि

कैप्टन अंशुमान सिंह की वीरता और बलिदान देश के लिए एक अद्वितीय उदाहरण है। उनके अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा ने उन्हें अमर बना दिया है। उनकी शहादत ने देशवासियों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ी है और उन्हें हमेशा के लिए एक नायक बना दिया है।

कैप्टन अंशुमान सिंह ने अपने जीवन को देश की सेवा में समर्पित कर दिया और अपने अंतिम क्षण तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाया। उनकी वीरता को सलाम करते हुए, हम उनके बलिदान को याद करते हैं और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं।

देश के इस वीर जवान को हमारी श्रद्धांजलि। उनकी आत्मा को शांति मिले और उनका साहस और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा बना रहे। कैप्टन अंशुमान सिंह की स्मृति हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।

कैप्टन अंशुमान सिंह, आपकी वीरता को नमन। जय हिंद।

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